गुजरात में नहीं, दिल्ली में आकर हुई किडनी ठीक
नमस्कार, मेरा नाम सचिन पटेल है और गुजरात की राजधानी, गांधीनगर का रहने वाला हूँ। मैं बीते कई सालों से शुगर की समस्या से जूझ रहा था, जिसकी वजह से मुझे दो साल पहले किडनी फेल्योर जैसी जानलेवा बीमारी का सामना करना पड़ा था। मैंने अपनी खराब हुई किडनी को ठीक करने के लिए कई महीनों तक डायलिसिस भी करवाया था और बहुत सारी दवाए भी खाई थी, लेकिन कोई फायदा नहीं मिला। डॉक्टर ने मुझे भरोसा दिलाया था कि मैं डायलिसिस करवाने से बहुत जल्दी से ठीक हो जाऊंगा, पर इससे मेरी तबियत इतनी ज्यादा खराब हो गई कि मेरे बचने की कोई उम्मीद भी नज़र नहीं आ रही थी। फिर जब मुझे डॉ. पुनीत धवन से आयुर्वेदिक उपचार लेना शुरू किया तब कहीं जाकर मेरी सेहत में सुधार आने लगे और मेरी किडनी ठीक हो सकी।
मुझे शुगर की समस्या मेरे एक रोड एक्सीडेंट की वजह से हुई थी। किडनी खराब होने के कई साल पहले मेरा एक एक्सीडेंट हुआ था जिसके बाद शरीर में इन्सुलिन की मात्रा कम बनने लग गई थी। शरीर में इन्सुलिन की मात्रा कम बनने के कारण मेरा शुगर लेवल हाई रहने लगा था, डॉक्टर ने मुझे मेरी डाइट में बदलाव करने की सलाह दी ताकि शुगर लेवल कण्ट्रोल में आ सके। उस दौरान मैंने डॉक्टर की सलह मानते हुए अपनी डाइट में कई बदलाव किये, जिससे मेरा शुगर लेवल बहुत तेजी से कम होने लगा था। मैं इस दौरान काफी खुश था क्योंकि मेरा शुगर लेवल अब कण्ट्रोल में आ चूका था, लेकिन समय के साथ मैं ओर काफी लापरवाह हो चूका था। मैं अब खाने पीने में परहेज करने बंद कर चूका था, जिसके कारण मुझे शुगर की दवाएं शुरू करनी पड़ी थी। शुगर की दवाओं से मुझे इस समस्या में काफी आराम मिल रहा था, पर मैं अब केवल दवाएं ले रहा था मैंने डाइट में कोई बदलाव नहीं किया थे और इसी कारण मुझे किडनी फेल्योर जैसी जानलेवा बीमारी का सामना करना पड़ा था।
जब तक मुझे किडनी खराब होने के लक्षण दिखाई देने शुरू नहीं हुए थे, तब तक मुझे इस बारे में कोई जानकारी ही नहीं थी कि मेरी किडनी अब खराब हो चुकी है। किडनी खराब होने के लक्षणों की बात करे तो मुझे सबसे पेशाब से जुड़ी समस्या होने लगी थी। मैंने पेशाब से जुड़ी किसी भी समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया था, लेकिन जब मेरे पैरों में सूजन आने लगी तो मुझे लगा की कुछ तो गड़बड़ है। पैरों में सूजन आने के बाद समस्याओं का सिलसिला ऐसा चला कि तमाम कोशिशों के बाद भी कोई आराम नहीं मिला। मुझे भूख लगना बंद हो चुकी थी, दिन भर में कई बार उल्टियाँ आने लगी थी और मैं लगातार कमजोर हो चूका था। हालत इतनी ज्यादा खराब हो चुकी थी कि बिस्तर से उठ भी नहीं पाता था। लगातार खराब होती हालत को देखते हुए डॉक्टर ने मुझसे कई टेस्ट करवाने की सलाह दी, मैंने उनकी बात मानते हुए सभी टेस्ट करवाए और रिपोर्ट्स आते ही उन्हें डॉक्टर को दिखाया। मेरी रिपोर्ट्स देखते हुए डॉक्टर ने मुझे बताया कि शुगर के कारण मेरी किडनी खराब हो चुकी है और अब इससे छुटकारा पाने के लिए डायलिसिस करवाना होगा।
डॉक्टर के भरोसा दिलाने के बाद मैंने डायलिसिस करवाना शुरू कर दिया, जिससे मुझे तकलीफ तो हुई लेकिन ठीक होने की उम्मीद में मैंने इसे जारी रखा। मैंने करीब 8 महीने तक लगातार हर हफ्ते 3 बार डायलिसिस करवाया पर इससे कोई फायदा होने की बजाय मेरी हालत और ज्यादा खराब हो गई। डॉक्टर अब भी डायलिसिस करवाने के लिए कहते थे पर अब मैं इसे करवाने के लिए राजी नहीं था, फिर एक मेरे एक दोस्त ने मुझे दिल्ली के कर्मा आयुर्वेदा हॉस्पिटल से आयुर्वेदिक उपचार लेने की सलाह दी। उसने मुझे बताया कि यहाँ पर बिना डायलिसिस के ही खराब हुई किडनी को ठीक किया जाता है। मैं अपने दोस्त की सलाह मानते कर्मा आयुर्वेदा हॉस्पिटल चला गया और डॉ, पुनीत धवन से मिला। मैंने उनको अपनी सभी रिपोर्ट्स दिखाई, जिन्हें देखने के बाद उन्होंने मुझसे कहा कि चिंता की बात नहीं है आयुर्वेदिक दवाएं लेने से मैं जल्द ही स्वस्थ हो जाऊंगा। मैंने डॉ. पुनीत धवन के कहे अनुसार आयुर्वेदिक दवाएं लेनी शुरू कर दी जिससे मुझे मेरी सेहत में काफी सुधार नज़र आने लगे और कुछ ही महीनों में मेरी किडनी एक दम ठीक हो गई, जिसके कारण आज मैं एक दम स्वस्थ जीवन जी रहा हूँ।
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