बिना ट्रांसप्लांट के हुई मेरी किडनी ठीक
नमस्कार, मेरा नाम रोहन कुमार है और मैं रोहतक शहर, हरियाणा का रहने वाला हूँ। मैं कई सालों से हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी से जूझ रहा था, जिसको कण्ट्रोल करने के लिए मैं बहुत सी दवाएं भी लेता था लेकिन फिर भी इसकी वजह से बीते चार साल पहले मुझे किडनी फेल्योर का सामना करना पड़ा था। किडनी खराब हो जाने की वजह से मुझे बहुत सी शारीरिक समस्याओं का समाना करना पड़ा था जो कि हर दिन अपना विकराल रूप ले रही थी। डॉक्टर ने मुझसे कहा था कि डायलिसिस करवाने से मैं जल्द ही ठीक हो जाऊंगा, मुझे डॉक्टर की बातों से मुझे लगा कि मैं तो बस कुछ ही दिनों में ठीक हो जाऊंगा, पर मैं गलत था। मैंने लगातार कई महीनों तक डायलिसिस करवाया पर कोई फायदा नहीं मिला, उल्टा इससे मेरी हालत इतनी ज्यादा खराब हो गई कि डॉक्टर किडनी ट्रांसप्लांट के लिए कहने लगे। पर मुझे इसकी जरूरत ही नहीं पड़ी क्योंकि मैंने समय रहते ही डॉ. पुनीत धवन से आयुर्वेदिक उपचार लेना शुरू कर दिया था जिससे मेरी किडनी ठीक हो गई।
Kidney Disease Treatment in Ayurveda
मेरी किडनी हाई ब्लड प्रेशर की वजह से खराब हुई थी, जिससे कि मैं बीते कई सालों से परेशान चल रहा था। दरअसल, मुझे घर पर बना हुआ खाना खाना बिलकुल भी पसंद नहीं था और मैं बाहर तेज मसालें डालकर बना खाना लेना ज्यादा पसंद करता था जिसकी मुझे आदत थी और यही मेरे ब्लड प्रेशर के हाई होने की सबसे बड़ी वजह भी थी। बाहर का खाना ज्यादा लेने की वजह से मुझे अक्सर पेट से जुड़ी समस्याएँ हो जाती थी जिससे छुटकारा पाने के लिए मैं दवाएं और कोई न कोई चूर्ण लेता रहता था। शुरुआत में तो सब सही चल रहा था, लेकिन जैसे-जैसे मेरी उम्र बढ़ने लगी और मैं घर से बाहर कुछ ज्यादा ही रहने लगा तब मेरा ब्लड प्रेशर हाई रहने लग गया। एक बार जब मेरा ब्लड प्रेशर काफी ज्यादा हाई हुआ तो मुझे हॉस्पिटल में एडमिट होना पड़ा, जहाँ डॉक्टर ने मुझे ब्लड प्रेशर को काबू रखने के लिए खाने पीने में बदलाव करने की सलाह दी जो कि मेरे मेरे लिए काफी मुश्किल था। इसी कारण मैंने ब्लड प्रेशर कण्ट्रोल करने के लिए दवाएं लेनी शुरू कर दी, जिससे मेरा ब्लड प्रेशर तो काबू में आ गया लेकिन किडनी खराब होना शुरू हो गई जिसकी खराब मुझे काफी देर से मिली।किडनी खराब होने की खबर पक्की होने के कुछ हफ़्तों पहले मुझे पेशाब से जुड़ी समस्याएँ होनी शुरू हो गई। इसकी शुरुआत पेशाब करते हुए जलन से हुई थी, इसके कुछ दिनों बाद मुझे पेशाब करते हुए ज्यादा जोर लगाना पड़ने लगा और पेशाब का रंग बदलने लगा, इतना ही नहीं पेशाब से बदबू भी आने लग गई।
मैं
पेशाब की समस्या की समस्या से छुटकारा पाता उससे पहले मैंने देखा की मेरे पैरों
में और चेहरे पर काफी सूजन आई हुई है। पैरों में आई हुई सूजन की वजह से मुझे चलने
में परेशानी होने लग गई, जिसके बारे में जब मैंने डॉक्टर से
बात की तो उन्होंने मुझे कुछ दवाएं दे दी और मालिश करने की सलाह दी, पर
इससे मुझे कोई आराम नहीं मिला। इन दिनों मेरा ब्लड प्रेशर भी पहले के मुकाबले काफी
हाई रहने लग गया था जिसकी वजह से मुझे दिन भर चक्कर आते रहते थे और खाना खाने का
बिलकुल भी दिल नहीं करता था। मैं अपने ब्लड प्रेशर को कण्ट्रोल करने के लिए दवाएं
ले रहा था पर उनसे भी मुझे कोई आराम नहीं मिल रहा था। बढ़े हुए ब्लड प्रेशर की वजह
से अब मुझे दिन भर उल्टियाँ आने लगी थी जिसको देखते हुए घर वालों ने मुझे एक बड़े
अस्पताल में एडमिट करवा दिया। अस्पताल में डॉक्टर ने मेरी जाँच करने के बाद मुझे
जल्द से जल्द कई टेस्ट करवाने के लिए कहा। मैंने उनकी बात मानते हुए उसी दिन सभी टेस्ट
करवाए और रिपोर्ट्स आते ही उन्हें डॉक्टर को दिखाया। मेरी रिपोर्ट्स देखने के बाद
डॉक्टर ने मुझे बताया कि हाई ब्लड प्रेशर और ज्यादा दवाएं लेने की वजह से मेरी
किडनी खराब हो चुकी है इसलिए मुझे ये सभी समस्याएँ हो रही है। डॉक्टर ने मुझसे आगे
कहा कि अब मुझे ठीक होने के लिए जल्द से जल्द डायलिसिस शुरू करवाना होगा, नहीं
तो मेरी हालत और भी ज्यादा खराब हो सकती है।मैंने डॉक्टर के
कहने पर डायलिसिस करवाना शुरू कर दियाजिससे मुझे काफी तकलीफ हुई, लेकिन
ठीक होने के लिए मैंने डायलिसिस से होने वाले दर्द को सहन कर लिया। मैंने करीब 8
महीने तक हर हफ्ते तीन बार डायलिसिस करवाया लेकिन इससे मुझे कोई फायदा नहीं मिला, उल्टा
मेरी हालत और ज्यादा खराब होती चली गई।
इस समय डॉक्टर मुझे किडनी ट्रांसप्लांट करवाने की सलाह देने लगे थे पर मैं इसके लिए बिलकुल भी राजी नहीं था। क्योंकि मैंने नेट पर देखा कि इस ओपरेशन में काफी ज्यादा खर्च आने वाला है और इसके सफल होने की कोई भी उम्मीद नहीं होती। अब जब मैं अपनी मौत के करीब था तो मुझे मेरे दोस्त ने आयुर्वेदिक उपचार लेने की सलाह दी। मेरे दोस्त ने मुझे बताया कि दिल्ली में कर्मा आयुर्वेदा हॉस्पिटल है जहाँ बिना डायलिसिस के ही खराब हुई किडनी को ठीक किया जाता है, उसने मुझसे एक बार यहाँ जाने की सलाह दी। मैंने अपने दोस्त की बात मानते हुए दिल्ली जाने का मन बना लिया और मैं कुछ ही दिनों में कर्मा आयुर्वेदा हॉस्पिटल आ गया। यहाँ आने पर मेरी मुलाकात डॉ. पुनीत धवन से हुई जो कि कर्मा आयुर्वेदा हॉस्पिटल के निदेशक भी है, मैंने उनको अपनी सभी रिपोर्ट्स दिखाई। रिपोर्ट्स देखने के बाद उन्होंने मुझसे कहा कि मुझे चिंता करने की जरूरत नहीं है मैं जल्द ही ठीक हो जाऊंगा बस समय से आयुर्वेदिक दवाएं लेनी होगी और डाइट का खास ख्याल रखना होगा।डॉ. पुनीत धवन की सभी बातों को ध्यान में रखते हुए मैंने घर आते ही उसी दिन से उनकी दी हुई आयुर्वेदिक दवाएं लेनी शुरू कर दी, जिससे मुझे कुछ ही दिनों में अपने अंदर काफी सुधार नज़र आने लग गये। मुझे पेशाब से जुड़ी हुई सभी समस्याओं से छुटकारा मिलने लग गया, भूख लगने लगी जिससे मेरी कमजोरी दूर होने लग गई और ब्लड प्रेशर भी काबू में आने लग गया जिसकी वजह से मुझे अब उल्टियाँ नहीं आ रही थी। अपनी ठीक होती को देखते हुए मुझे यकीन आने लग गया था कि अब मैं बड़ी जल्दी ठीक होने वाला हूँ और ये सच भी हुआ। करीब महीने भर में ही मेरा डायलिसिस बंद हो गया जिससे कि मैं बीते काफी समय से परेशान चल रहा था और कुछ ही महीनों में मेरी किडनी एक दम ठीक हो गई और आज इसी वजह से मैं एक दम स्वस्थ जीवन जी रहा हूँ।
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