किडनी ट्रांसप्लांट के बुरे परिणामों से मैं था वंचित

नमस्कार, मेरा नाम कुनाल मदान है और मैं हरियाणा के रेवाड़ी का रहने वाला हूँ। हम सभी जानते हैं कि शराब हमारी सेहत के लिए काफी बुरी होती है, लेकिन फिर भी हम इसे पीने से पीछे नहीं हटते। मैं भी तीन साल पहले तक काफी ज्यादा शराब पीया करता था, लेकिन जब इसकी वजह से मेरी किडनी खराब हुई तब मैंने इससे दूरी बनाई। जब मेरी किडनी खराब हुई तो मुझे कई सारीशारीरिक समस्याएँ रहने लग गई थी, जिनसे छुटकारा पाने के लिए मैंने बहुत सी दवाएं खाई और कई महीने तक डायलिसिस भी करवाया। डॉक्टर ने मुझसे उस दौरान कहा था कि डायलिसिस करवाने से मेरी किडनी ठीक हो जायगी, लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं। अगर मैं ये कहूँ कि डॉक्टर की बात झूठ निलकी तो गलत नहीं होगा। डायलिसिस करवाने से मेरी किडनी तो ठीक हुई नहीं उल्टा मेरी हालत इतनी ज्यादा खराब हो गई कि डॉक्टर मुझे जल्द से जल्द किडनी ट्रांसप्लांट करवाने के लिए कहने लग गये थे।लेकिन डॉ. पुनीत धवन के आयुर्वेदिक उपचार की वजह से मैं किडनी ट्रांसप्लांट से बच गया, क्योंकि मेरी किडनी बिना डायलिसिस के ही ठीक हो गई जिसकी वजह से आज मैं एक दम स्वस्थ जीवन जी पा रहा हूँ।

Nephrotic Syndrome Ayurvedic Treatment

मेरी किडनी ज्यादा शराब  पीने की आदत के कारण खराब हुई थी, जिसकी आदत मुझे स्कूल के दिनों में ही लग गई थी और कॉलेज के खत्म होने तक मेरी किडनी पूरी तरह खराब हो चुकी थी। शुरुआत में तो मैं केवल बियर ही पीया करता था और वो भी इसलिए ताकि मेरा ब्लड साफ़ रहे। दरअसल, मुझे मेरे दोस्तों ने बताया था कि बियर पीने से हमारी किडनी स्वस्थ रहती है और इससे ब्लड भी साफ़ रहता था, इतना ही नहीं बल्कि इसे पीने से स्टोन भी नहीं होता। अपनी बातों को सही साबित करने के लिए उन्होंने मुझे कई नेट भी इस बारे में काफी कुछ पढ़ाया भी था जिसको देखते हुए मैंने बियर पीना शुरू कर दिया। शुरुआत में तो मैं बहुत कम ही बियर पीया करता था, लेकिन उसके बाद पता ही नहीं चला आखिर कब मैं बियर से शराब पर आ गया। हाँ, शुरूआती दिनों में तो मैं बहुत कम ही शराब पीता था, लेकिन साल भर के भीतर ही मैं इतनी ज्यादा शराब पीने लगा कि मुझे कई बार अपना ही होश नहीं होता था। मेरी इस शराब पीने की आदत के कारण मेरे घर वाले मुझसे काफी ज्यादा नाराज़ रहने लग गये थे, लेकिन मुझे इससे भी कोई खास फर्क नहीं पड़ रहा था।ज्यादा शराब पीने की मेरी इस आदत के कारण मेरा ब्लड प्रेशर भी हाई रहने लग गया था, कई बार तो मेरा ब्लड प्रेशर इतना ज्यादा हाई हो जाया करता था कि मुझे हॉस्पिटल में एडमिट होना पड़ता था। हॉस्पिटल में एडमिट होने से मेरा ब्लड प्रेशर तो काबू में आ जाया करता था लेकिन उसके बाद फिर से शराब पीने से फिर से मेरी हालत हो जाती थी।

ब्लड प्रेशर की इस समस्या को देखते हुए मैंने डॉक्टर की सलाह से इसके लिए दवाएं लेनी शुरू कर दी थी, पर उनसे भी मुझे कोई खास आराम नहीं मिल रहा था क्योंकि मैं दवाओं के साथ कोई परहेज नहीं कर रहा था। मुझे शराब पीते हुए करीब 2 से 3 साल ही हुए थे और ब्लड प्रेशर की दवाएं लेते हुए करीब साल भर और इतने समय में ही मेरी लापरवाहियों के कारण मेरी किडनी खराब हो गई।किडनी खराब होने के करीब दो हफ्ते पहले अचानक से मेरे पैरों में सूजन आ गई, जिसके कारण मुझे चलने फिरने में दिक्कत आने लग गई। कुछ दिनों बाद मुझे पेशाब आना कम होने लग गया और जब भी पेशाब आता तो मुझे काफी जलन होने लगती। इसी बीच मेरा ब्लड प्रेशर भी हाई रहने लग गया जिसके कारण मुझे भूख लगना बंद हो रही थी, दिन भर कई बार उल्टियाँ आने लगी थी। इन सभी समस्याओं के कारण मैं काफी कमजोर हो चूका था और मेरा ब्लड प्रेशर लेवल भी काफी बढ़ता जा रहा, दवाएं लेने पर भी मेरी तबियत में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा था। मेरी लगातार खराब होती हालत के कारण मुझे अपने हर काम के लिए दूसरे व्यक्ति की मदद चाहिए थे। डॉक्टर की दवाओं से भी मुझे इन सभी समस्याओं में कोई लाभ नहीं मिल रहा था, जिसके कारण डॉक्टर ने मुझे जल्द से जल्द कई टेस्ट करवाने के लिए कहा। मैंने डॉक्टर की सलाह मानते हुए सभी टेस्ट करवाए और रिपोर्ट्स आते ही उन्हें डॉक्टर को दिखाया। मेरी रिपोर्ट्स देखने के बाद डॉक्टर ने मुझे बताया कि ज्यादा शराब पीने की वजह से मेरी किडनी खराब हो चुकी है, जिसके कारण मुझे ये सभी समस्याएँ हो रही है और अब ठीक होने के लिए मुझे डायलिसिस करवाना होगा नहीं तो मैं नहीं बच सकता।मैंने डॉक्टर की सलाह मानते हुए और कोई दूसरा चारा ना होने की वजह से मैंने कुछ दिनों बाद से ही डायलिसिस करवाना शुरू कर दिया।

जब मेरा पहला डायलिसिस हुआ तब मुझे काफी तकलीफ हुई वो तो डॉक्टर ने मुझे इस बारे में पहले ही बता दिया था तो मैं इसके लिए तैयार था। मुझे लगा था कि मैं एक दो डायलिसिस के बाद जल्द ही ठीक हो जाऊंगा, पर मैं इस मामले में एक दम गलत था। मैंने अपनी किडनी ठीक होने की उम्मीद में करीब चार महीने से भी ज्यादा समय तक डायलिसिस करवाया जो कि हफ्ते में दो बार हुआ करता था। इतने सारे डायलिसिस में मेरा लाखों रुपया लग चूका था, पर उससे मुझे कोई आराम नहीं मिला उल्टा मेरी हालत इतनी ज्यादा खराब हो चुकी थी कि अब डॉक्टर मुझे जल्द से जल्द किडनी ट्रांसप्लांट करवाने के लिए कहने लग गये थे। डॉक्टर ने परिवार वालो से कहा कि अगर मेरी जान बचानी है तो मुझे जल्द से जल्द किडनी ट्रांसप्लांट करवाना होगा उसी से मैं ठीक हो सकता हूँ, नहीं तो मेरे बचने की कोई खास उम्मीद नहीं है। मेरे घर वाले डॉक्टर की ये बार सुनकर काफी उदास थे और वह सभी मेरेऑपरेशन के लिए तयारी भी करने लग गये थे।इस ऑपरेशन की तैयारी में ही हमारा काफी ज्यादा रुपया लग चूका था और अभी किडनी का इंतजाम करना भी बाकी था। इन सब तैयारियों में एक दिन मेरे एक रिश्तेदार मुझसे मिलने के लिए हमारे घर आए और जब उन्हें पता चला कि मेरा किडनी ट्रांसप्लांट होने वाला है तो उन्होंने इसपर वह काफी चौक गये। उन्होंने हमें बताया कि किडनी ट्रांसप्लांट में एक बात तो बहुत ज्यादा खर्च आता है वहीं इसके सफल होने की भी कोई गारंटी नहीं है, ऑपरेशन सफल होने के बाद भी मिनटों में कुछ भी हो सकता है। उन्होंने आगे बताया कि एक बार ऑपरेशन हो जाने के बाद रोगी को पूरी उम्र काफी साड़ी दवाएं लेते रहना होगा जो कि काफी महँगी तो होती है साथ ही उनसे और भी कई समस्याएँ होने लगती है।

इसके बाद भी रोगी का क्रिएटिनिन स्तर 2 से 3 के करीब तक रहता है।मैं उन अंकल की बाते सुनकर काफी डर गया और उनसे इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता पुछा। मेरी बातों का जवाब देते हुए उन्होंने हमें बताया कि आयुर्वेदिक दवाओं से मेरी किडनी को बड़े आराम से ठीक किया जा सकता है और इसमें डायलिसिस करवाने की भी कोई जरूरत नहीं होती।उन्होंने हमें बताया कि दिल्ली में कर्मा आयुर्वेदा नाम से एक हॉस्पिटल है जहाँ बिना डायलिसिस के ही खराब हुई किडनी को ठीक किया जा सकता है, उन्होंने हमसे कहा कि एक बार आयुर्वेदिक उपचार लेकर देखना चाहिए क्या पता आराम मिल जाए। मेरे घर वाले उनकी बात मान गये और मुझे कुछ ही दिनों में दिल्ली कर्मा आयुर्वेदा हॉस्पिटल ले आए, जहाँ मेरी मुलाकात डॉ. पुनीत धवन से हुई जो कि इस अस्पताल के निदेशक भी है। मैंने उनको अपनी सभी रिपोर्ट्स दिखाई और उन्हें अपने बारे में भी सभी जानकारी दी। मेरी रिपोर्ट्स देखने के बाद उन्होंने मुझे बताया कि मेरी किडनी ठीक हो जायगी बस समय से आयुर्वेदिक दवाएं लेनी होगी और साथ में डाइट का भी खास ख्याल रखना होगा जिससे मुझे काफी मिलेगा।बस फिर क्या था मैंने घर आते ही डॉ. पुनीत धवन की दी हुई आयुर्वेदिक दवाएं उनके बताए हुए तरीके से लेनी शुरू कर दी और साथ में परहेज भी करने शुरू कर दिए, जिसकी वजह से मुझे कुछ ही दिनों में अपने अंदर काफी सुधार नज़र आने लग गये। महीने भर में ही मेरे पैरों से काफी सूजन चली गई और पेशाब भी खुल कर आने लग गया। इसके अलावा ब्लड प्रेशर भी काफी काबू में आने लग गया, देखते ही देखते कुछ ही महीनों में मेरी किडनी एक दम ठीक हो गई और आज मैं एक दम स्वस्थ जीवन जी रहा हूँ।

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