कर्मा आयुर्वेदा ने मुझे किडनी ट्रांसप्लांट से बचा लिया
नमस्कार, मेरा नाम अमित सिंह सांगवान है और मैं हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला हूँ। मैं कई सालों से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहा था जिसकी वजह से तीन साल पहले मेरी किडनी खराब हो गई थी। किडनी खराब हो जाने की वजह से मुझे कई शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ा था निकी वजह से मुझे डायलिसिस जैसे दर्दनाक उपचार का सहारा लेना पड़ा था। उस दौरान डॉक्टर का मुझसे कहना था कि डायलिसिस से ही मैं ठीक रह सकता हूँ अगर मैं इसे नहीं करवाना चाहता तो मुझे किडनी ट्रांसप्लांट करवाना होगा। लेकिन मैं किडनी ट्रांसप्लांट के लिए बिलकुल भी राजी नहीं था, क्योंकि इसमें खर्चा लाखों में आने वाला था और दूसरा इसके सफल होने के चांस भी बहुत कम थे। पर आज मैं और मेरी किडनी एक दम स्वस्थ है और ये कैसे हुआ आज मैं आपको इसी के बारे में बताने वाला हूँ।
मेरी किडनी ब्लड प्रेशर हाई रहने की वजह से खराब हुई थी, जिससे की मैं बीते कई सालों से परेशान चल रहा था।मुझे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या ज्यादा नमक खाने की आदत के कारण से हुई थी, जिसको लेकर मैं काफी लापरवाह था। मुझे अपने खाने में कम लेना बिलकुल भी पसंन्द नहीं था और ना ही कम मसालें वाला खाना। मेरी इस आदत के कारण जब मेरा ब्लड प्रेशर शुरुआत में हाई रहने लगा तो डॉक्टर ने मुझसे कहा था कि अगर मैं अपने खाने-पीने में बदलाव करूँ तो मुझे इस समस्या से बड़ी जल्दी आराम मिल जायगा। लेकिन मैंने उनकी बातों पर कोई ध्यान नहीं दिया और दवाएं लेनी शुरू कर दी जिससे मुझे काफी आराम मिलने लग गया। उस दौरान मुझे लग रहा था कि अब जब मुझे दवाओं से आराम मिल रहा है तो मैं अपने खाने पीने में बदलाव क्यों करू। लेकिन मेरी दवाएं लेने की आदत और परहेज ना करने की वजह से मेरी किडनी खराब हो गई।जब मेरी किडनी खराब हो ही चुकी थी तो इसके लक्षण भी दिखाई देने शुरू हो चुके थे जिनको मैं शुरुआत में बहुत आम सी समस्याएँ समझ रहा था। शुरुआत में एक दिन मैंने देखा की मेरे पैरों में हलकी सी सूजन आई हुई थी जिसको मैंने नजरअंदाज कर दिया। लेकिन दो दिन में ही वो हल्की सी सूजन इतनी ज्यादा बढ़ गई की इसकी वजह से मुझे चलने फिरने में काफी परेशानी होने लगी। मैंने इसकी मालिश भी की और दवाएं भी ली पर कोई फायदा नहीं मिला। सूजन के साथ-साथ मुझे बुखार भी आने लग गया और ब्लड प्रेशर दवाएं लेने पर भी हाई रहने लगा।
बुखार रहने की वजह से मुझे कुछ भी खाने का दिल नहीं करता और अगर कुछ खा भी लेता तो मुझे तुरंत ही उल्टी आ जाती थी। मैं सभी समस्याओं से निपट पाता उससे पहले मुझे पेशाब से जुड़ी समस्या रहने लग गई, जिसकी शुरुआत पेशाब के रंग बदलने से हुई थी। इसके बाद मुझे पेशाब करने के दौरान जलन और दर्द होने और पेशाब से बदबू भी आने लगी, यहाँ तक कि पेशाब करते हुए मुझे काफी जोर भी लगाना पड़ रहा था। मैं इन सभी समस्याओं के कारण परेशान हो चूका था और दिन भर उल्टियाँ होने, बुखार रहने, खाना ना खाने की वजह से मैं काफी कमजोर भी हो चूका था। डॉक्टर बस मुझे दवाओं पर दवाएं दिए जा रहे थे लेकिन उनसे कोई आराम नहीं मिल रहा था, जिसकी वजह से घर वालों ने मुझे एक बड़े अस्पातल में एडमिट करवा दिया। अस्पताल में डॉक्टर ने मुझे जल्द से जल्द कई जांच करवाने के लिए कह दिया। मैंने डॉक्टर की सलाह मानते हुए उनके बताए हुए सभी टेस्ट उसी दिन करवाए और जैसे ही रिपोर्ट्स आई उन्हें डॉक्टर को दिखाया। मेरी रिपोर्ट्स देखने के बाद डॉक्टर ने मुझे बताया कि ज्यादा दवाएं लेने की वजह से मेरी किडनी खराब हो चुकी है इसी वजह से मुझे ये सभी समस्याएँ हो रही है, डॉक्टर ने मुझसे आगे कहा कि अब मुझे ठीक होने के लिए डायलिसिस करवाना होगा उसी से कुछ आराम मिल सकता है, नहीं तो बचना मुश्किल है।मैंने डॉक्टर के कहने पर डायलिसिस करवाना शुरू कर दियाजिससे मुझे काफी तकलीफ हुई, लेकिन ठीक होने के लिए मैंने डायलिसिस से होने वाले दर्द को सहन कर लिया।
Ayurvedic Kidney Disease Treatment
मैंने करीब 8 महीने तक हर हफ्ते तीन बार डायलिसिस करवाया लेकिन इससे मुझे कोई फायदा नहीं मिला, उल्टा मेरी हालत और ज्यादा खराब होती चली गई। इस समय डॉक्टर मुझे किडनी ट्रांसप्लांट करवाने की सलाह देने लगे थे पर मैं इसके लिए बिलकुल भी राजी नहीं था। अब जब मैं अपनी मौत के करीब था तो मुझे मेरे दोस्त ने आयुर्वेदिक उपचार लेने की सलाह दी। मेरे दोस्त ने मुझे बताया कि दिल्ली में कर्मा आयुर्वेदा हॉस्पिटल है जहाँ बिना डायलिसिस के ही खराब हुई किडनी को ठीक किया जाता है, उसने मुझसे एक बार यहाँ जाने की सलाह दी। मैंने अपने दोस्त की बात मानते हुए दिल्ली जाने का मन बना लिया और मैं कुछ ही दिनों में कर्मा आयुर्वेदा हॉस्पिटल आ गया। यहाँ आने पर मेरी मुलाकात डॉ. पुनीत धवन से हुई जो कि कर्मा आयुर्वेदा हॉस्पिटल के निदेशक भी है, मैंने उनको अपनी सभी रिपोर्ट्स दिखाई। रिपोर्ट्स देखने के बाद उन्होंने मुझसे कहा कि मुझे चिंता करने की जरूरत नहीं है मैं जल्द ही ठीक हो जाऊंगा बस समय से आयुर्वेदिक दवाएं लेनी होगी और डाइट का खास ख्याल रखना होगा। मैंने घर जाते ही डॉ. पुनीत धवन एक कहे अनुसार आयुर्वेदिक दवाएं लेनी शुरू कर दी जिससे मुझे कुछ ही हफ़्तों में अपने अंदर काफी सुधार नज़र आने लग गया। पैरों से सूजन चली गई, पेशाब खुल कर आने लगा और शुगर भी काबू में आने लगा जो कि मेरी किडनी ठीक होने की सबसे बड़े निशानी थी। देखते ही देखते मैं कुछ ही महीनों में एक दम ठीक हो गया और आज एक दम स्वस्थ जीवन जी रहा हूँ और सभी यही कहता हूँ अगर किडनी खराब हो जाए तो कर्मा आयुर्वेदा में ही जाएं क्योंकि डायलिसिस से कभी भी किडनी ठीक नहीं हो सकती।
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