ज्यादा नमक किडनी को नहीं आया पसंद

नमस्कार, मेरा ललित शर्मा है और मैं उत्तर प्रदेश के बिजनौर शहर का रहने वाला हूँ। करीब दो साल पहले मेरी किडनी हाई ब्लड प्रेशर की वजह से खराब हो गई थी। किडनी खराब होने की वजह से मुझे बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ा था, जिसमे शारीरिक, मानसिक और आर्थिक तीनो शामिल थी। मैंने अपनी किडनी ठीक करने के लिए उस दौरान डॉक्टर की सभी बातें मानते हुए डायलिसिस करवाना शुरू कर दिया, जिससे मुझे काफी तकलीफ हुई। फिर भी मैंने अपनी तकलीफ को सहन करते हुए कई महीनों तक डायलिसिस करवाया पर कोई फायदा नहीं मिला, उल्टा हालत और भी ज्यादा खराब होती चली गई। फर एक दिन डॉक्टर ने मुझसे कहा कि अगर मैं किडनी ट्रांसप्लांट करवा लूँ तो मैं जल्द ही ठीक हो जाऊंगा, पर मुझे इसकी जरूरत नहीं पड़ी क्योंकि मैंने समय रहते हुए डॉ. पुनीत धवन से आयुर्वेदिक उपचार लेना शुरू कर दिया था जिससे मेरी किडनी ठीक हो गई और आज इसी बारे में मैं आपको बताने वाला हूँ।

मुझे हाई ब्लड प्रेशर समस्या ज्यादा नमक खाने की वजह से हुई थी। दरअसल, मुझे खाने में ज्यादा नमक खाने की आदत थी और मेरे परिवार में ब्लड प्रेशर की समस्या कई सालों से थी। जिसकी वजह से घर वाले खाने में नमक कम ही डालते थे और मुझे नमक ना खाने की सलह देते ताकि बाकि घर वालों की तरह मुझे भी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या ना हो जाए। लेकिन मेरे ये कर पाना भुत ज्यादा मुश्किल था और फिर मुझे भी ब्लड प्रेशर हाई रहने की समस्या हो गई। जब शुरुआत में ब्लड प्रेशर हाई रहने लगा तो डॉक्टर ने मुझे डाइट में जल्द से जल्द बदलाव करने की सलाह दी ताकि ये समस्या यहीं खत्म हो जाए। लेकिन मैंने डॉक्टर की बातों पर ध्यान नहीं और खाने पीने में कोई बदलाव करने की जगह दवाएं लेनी शुरू कर दी। दवाएं लेने से भले ही मेरा ब्लड प्रेशर काबू में आने लग गया था पर इस दौरान मैंने कोई भी परहेज नहीं किया जिसकी वजह से जल्द ही दवाओं से आराम मिलना बंद हो गया और बस यही मेरी किडनी खराब होने की शुरुआत थी।मेरी किडनी पूरी तरह से खराब होने के करीब महिना भर पहले मेरी तबियत अचानक से खराब होने लगी थी जो कि साफ-साफ इशारा था कि अब मेरी किडनी खराब हो चुकी है, लेकिन डॉक्टर के पुष्टि करने तक मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। मेरी तबियत के खराब होने की शुरुआत शरीर में आई सूजन से हुई थी। उस दौरान मेरे शरीर में काफी सूजन आने लगी थी जो कि पैरों से शुरू होकर पुरे शरीर में फ़ैल गई थी। एक दिन जब मैं ऑफिस से घर आया तो मैंने देखा कि मेरे पैरों में सूजन आई हुई, जिसको देखर मुझे लगा कि ये थकान की वजह से हुई है।

Kidney Specialist in Ayurveda

कुछ ही दिनों बाद सूजन पैरों में बढ़ती चली गई और पैरों के साथ-साथ कमर और चेहरे पर भी आने लगी। पैरों में तो इतनी ज्यादा सूजन थी कि मुझसे ठीक से चला भी नहीं जा रहा मैं इसकी वजह से काफी परेशान हो चूका था। इस बीच मैंने सूजन से छुटकारा पाने के लिए कई तरह के जतन भी किये थे और दवाएं भी ली थी। मैं सूजन से जब तक छुटकारा पाता उससे पहले ही कुछ ही दिनों बाद मुझे पेशाब आना कम होने लग गया, पेशाब के दौरान काफी जलन होने लगी और पेशाब का रंग भी लाल होता जा रहा था, इतना ही नहीं मेरे पेशाब से कई बार खून भी आने लगा था। मुझे पहले शुगर तो था पर इन दिनों मेरा ब्लड प्रेशर भी काफी ज्यादा हाई रहने लगा था जो कि दवाएं लेने पर भी काबू में नहीं आता था। ब्लड प्रेशर हाई रहने की वजह से मुझे चक्कर आते रहते थे और दिन में कई बार उल्टियाँ भी आ जाती थी। दिन भर में कई बार उल्टी आने की वजह से मुझे कुछ भी खाने का दिल नहीं करता था और अगर मैं कुछ खा भी लेता तो मुझे उल्टी आ जाती या आने जैसा महसूस होता रहता।इन दिनों मुझे लगातार बुखार भी रहने लगा था जिसकी वजह से मैं काफी कमजोर हो चूका था। दवाएं लेने पर भी मेरा शुगर लेवल काबू में नहीं आ रहा था और एक दिन मेरा शुगर लेवल इतना ज्यादा बढ़ गया कि मुझे हॉस्पिटल में एडमिट होना पड़ा। वहां डॉक्टर ने मेरी कुछ जांच करने के बाद मुझे कई सारे टेस्ट करवाने को कहा। मैंने उसी दिन डॉक्टर एक बताए हुए सभी टेस्ट करवाए और रिपोर्ट्स आते ही उन्हें डॉक्टर को दिखाया।

मेरी रिपोर्ट्स देखने के बाद डॉक्टर ने मुझसे कहा कि शुगर लेवल हाई रहने के कारण मेरी किडनी काफी खराब हो चुकी है जिसको फ़िलहाल डायलिसिस से ही ठीक किया जा सकता है। डॉक्टर ने मुझे आगे बताया कि अगर अभी मैंने डायलिसिस करवाना शुरू नहीं किया तो मेरी तबियत और भी ज्यादा खराब हो सकती है, इसलिए जल्द से जल्द डायलिसिस करवाना शुरू करें।डॉक्टर की बाते सुनने के बाद मुझे लगा कि अब मैं नहीं बचने वाला और उनसे पूछ ही लिया कि क्या मैं इससे बच तो जाऊंगा ना? मेरे सवालों को सुनने के बाद डॉक्टर ने मुझसे कहा कि मुझे डरने की कोई जरूरत नहीं है बस ठीक से डायलिसिस करवाते रहो कुहक ही महीनों में मैं एक दम ठीक हो जाऊंगा। मुझे भी उस दौरान डॉक्टर की बातों पर यकीन हुआ और मैंने कुछ ही दिनों बाद डायलिसिस करवाना शुरू कर दिया। मैं हर हफ्ते दो से तीन बार डायलिसिस करवाता था और ये सिलसिला करीब 8 से 9 महीने तक चला। इतने लंबे समय तक डायलिसिस करवाने से भी मेरी तबियत में कोई सुधार नहीं आया, उल्टा हालत इतनी ज्यादा खराब हो चुकी थी कि मैं बिस्तर से भी नहीं उठ सकता था। इस दौरान डॉक्टर मुझे किडनी ट्रांसप्लांट करवाने के लिए कहने लगे थे, पर मैं इसके खर्च को देखते हुए इसके लिए इंकार कर चूका था। एक बार ट्रांसप्लांट के लिए इंकार करने के बाद अब मैंने बाकी की बची हुई जिंदगी डायलिसिस के सहारे रहने का फैसला कर लिया था, क्योंकि मैं समझ चूका था कि अब मैं ज्यादा दिनों के लिए जीवित नहीं हूँ!

Comments

Popular posts from this blog

Thank you, Karma Ayurveda, for Saving My Life!

My name is Usha Jain and I belong to a small city in Madhya Pradesh

I am Rahul Kataria from connaught Place, Delhi